डॉक्टर बनने के लिए काट डाला अपना ही पैर; युवक किसी भी तरह MBBS सीट चाहता था, दिव्यांग कोटे से एडमिशन लेने की योजना बनाई
UP Youth Cuted His Leg For MBBS Admission Through Disabled Quota After Failing NEET
UP Youth Cuted His Leg: भगवान ने आपको सही-सलामत शरीर दिया हो और आप फिर भी जब जबरदस्ती के विकलांग बनना चाहें तो इससे बड़ी मूर्खता और हो भी क्या सकती है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में करीब 25 साल के एक युवक ने कुछ ऐसा ही हैरतअंगेज़ कारनामा किया है। इस युवक पर बस किसी भी तरह से एमबीबीएस डॉक्टर बनने का भूत सवार था। लेकिन डॉक्टर बनने के लिए इसने जो तरीका निकाला। उसने सभी को हैरान करके रख दिया। युवक ने अपने साथ जो किया उससे लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
डॉक्टर बनने के लिए काट डाला अपना ही पैर
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस युवक का नाम सूरज है और इसने डॉक्टर बनने के लिए अपना ही पैर काट डाला। दरअसल सूरज राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में 2 बार फेल हो चुका था। लेकिन उसे MBBS डॉक्टर तो बनना ही था। जिसके लिए उसने योजना बनाई की वह अब दिव्यांग कोटे का लाभ उठाकर एडमिशन लेगा और इसके लिए चाहें उसे जबरदस्ती का विकलांग क्यों न बनना पड़े। आखिर युवक ने अपने साथ ही कांड कर लिया और कटर से अपना पैर काटकर बैठ गया। मगर सूरज की चालाकी काम नहीं आई और वह अपनी साजिश में ही फंस गया। मामला अब पुलिस के पास पहुंच चुका है और कार्रवाई की जा रही है।
कैसे खुला सूरज की योजना का राज?
बताया जाता है कि सूरज के भाई ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 17 जनवरी की देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने उसके निर्माणाधीन मकान में घुसकर सूरज की जमकर पिटाई की है और उसके पैर का पंजा काट दिया है। इधर शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत मामला दर्ज कर जांच और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। लेकिन जब पुलिस जांच कर रही थी तो जांच में सामने आ रहीं बातें घटना से मैच ही नहीं कर रहीं थीं। इसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर अलग ऐंगल से जांच शुरू की। सूरज के मोबाइल की जांच में एक युवती का संपर्क नंबर मिला, जिसकी जांच में शक और मजबूत हो गया।
इसके अलावा, सूरज की डायरी से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला, जिसमें उसने लिखा था कि वह 2026 में एमबीबीएस डॉक्टर बनकर रहेगा। पुलिस की जांच में आखिर सूरज का सारा खेल खुल गया और इसके बाद उसने भी खुद कबूल कर लिया की उसने ही ये सब किया। बताया यह भी जा रहा है कि सूरज की एक प्रेमिका है जिसके घरवालों ने शर्त रखी थी कि शादी सिर्फ डॉक्टर से ही करेंगे। जिसके चलते डॉक्टर बनने के लिए सूरज की दीवानगी और पागलपन में बदल गई। बताया जाता है कि इसने D Pharma कर रखा है। इसलिए NEET की तैयारी करने लगा लेकिन पास नहीं कर सका। इसलिए विकलांग कोटे से MBBS की सीट पाने के लिए कटर से अपना पैर काट दिया।